10 Crucial Key Points about Ayodhya Ram Mandir

Sacred Foundation from 2587 Regions – The Ayodhya Ram Mandir's foundation is made from holy soil sourced from 2587 regions, including iconic places like Golden Temple and Shivaji’s Fort.

2587 क्षेत्रों से आया पवित्र मिट्टी – आयोध्या राम मंदिर का निर्माण पवित्र मिट्टी से किया गया है, जो 2587 क्षेत्रों से लाई गई है।

Largest Temple in India – Designed by the Sompura family 30 years ago, the Ram Mandir stands as India's largest temple, reaching 161 feet in height with a 28,000 square feet area.

भारत का सबसे बड़ा मंदिर – राम मंदिर भारत का सबसे बड़ा मंदिर बनने वाला है, जिसका डिज़ाइन 30 वर्ष पहले चंद्रकांत सोमपुरा के पुत्र, आशीष सोमपुरा ने बनाया था।

Time Capsule Beneath the Temple – A time capsule, 2000 feet below, safeguards the temple's identity with a copper plate detailing information about Ram Mandir, Lord Ram, and Ayodhya.

मंदिर के नीचे समय कैप्सूल – 2000 फीट की गहराई में एक समय कैप्सूल रखा जाएगा, जिसमें मंदिर, भगवान राम और आयोध्या के बारे में जानकारी होगी।

Unresolved Survey on Mythological Temple – Archaeological surveys hint at the Babri Mosque being built on a pre-existing structure, possibly the Ram Temple dating back more than 5000 years.

पौराणिक मंदिर पर अनसुलझा सर्वेक्षण – आर्कियोलॉजिकल सर्वेक्षण सुझाव देता है कि बाबरी मस्जिद पुराने संरचना पर बनी थी, जो शायद भगवान राम के काल की राम मंदिर थी।

150 Holy River Water Combine – The construction used holy water from 150 rivers, creating a unique blend representing seas, rivers, soils, and even water from a 600-year-old Durga Temple.

150 पवित्र नदीयों का संयोजन – 5 अगस्त को हुई पूजा में उपयुक्त 150 पवित्र नदियों से लाए गए पानी का एक विशेष संरचना में उपयोग हुआ।

No Use of Iron Steel in Construction – Ram Mandir is entirely made of stones, with no steel or iron used, opting for materials like copper, White Cement, and Wood.

निर्माण में लोहा या इस्पात का कोई इस्तेमाल नहीं – राम मंदिर का निर्माण पूरी तरह से पत्थरों से हुआ है, इसमें लोहा या इस्पात का कोई इस्तेमाल नहीं हुआ है।

Special Bricks Used for Construction – Bricks inscribed as "Shri Ram," some over 30 years old, contribute to the temple's construction, symbolizing strength and durability.

विशेष 'श्री राम' इंटग्रेटेड ईंटें – मंदिर की निर्माण में 'श्री राम' इंटग्रेटेड ईंटें उपयोग हो रही हैं, जिनमें से कुछ 30 वर्षों से अधिक समय से उपयोग नहीं हुई हैं।

Exquisite Features in Temple Design – The two-story temple features intricate designs, including the use of Bansi Paharpur, a pink sandstone, and 360 pillars crafted in Nagar Style.

मंदिर डिज़ाइन में अत्युत्तम विशेषताएँ – मंदिर का डिज़ाइन उत्तर प्रदेश की अनेक स्रोतों के अनुसार दो मंजिलों वाला है और इसमें बंसी पहाड़पुर, राजस्थान के भरतपुर से लाए गए गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग हुआ है।